कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे विजय कुमार सिन्हा, बिहार के दिग्गज नेताओं में हैं शुमार

Spread the love

लखीसराय से जीतकर आए बीजेपी के विधायक विजय कुमार सिन्हा बिहार विधानसभा के संभावित अध्यक्ष हैं. (फाइल फोटो)

नीतीश कुमार की पिछली सरकार में विजय कुमार सिन्हा श्रम मंत्री थे. लखीसराय की जनता ने उन्हें बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में लगातार चौथी बार चुना है. सिन्हा भूमिहार समाज से आते हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 24, 2020, 6:55 PM IST

लखीसराय. बिहार विधानसभा अध्यक्ष (Bihar Assembly Speaker) के लिए लखीसराय (Lakhisarai) से जीतकर आए बीजेपी के विधायक विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) के नाम की चर्चा सबसे तेज है. बीजेपी सूत्रों का कहना है कि सबकुछ फाइनल हो चुका है, बस औपचारिक तौर पर विजय कुमार सिन्हा के नाम की घोषणा होनी बाकी है. ऐसे में विजय कुमार सिन्हा के बारे में जानना रोचक होगा कि आखिर ये हैं कौन? इनकी राजनीतिक यात्रा कैसी रही है? किस सामाजिक परिवेश से ये आते हैं?

लगातार चौथी बार लखीसराय विधानसभा की जनता ने चुना

आपको बता दें कि विजय सिन्हा बिहार में बीजेपी के बड़े नेता माने जाते हैं. नीतीश कुमार की पिछली सरकार में विजय कुमार सिन्हा श्रम मंत्री थे. लखीसराय की जनता ने उन्हें बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में लगातार चौथी बार चुना है. सिन्हा भूमिहार समाज से आते हैं. नीतीश कुमार की पिछली सरकार के स्पीकर भी इसी जाति से थे. बिहार में पिछली बार स्पीकर की सीट जेडीयू के खाते में थी और भूमिहार समाज से आने वाले विजय चौधरी स्पीकर बने थे.

बेगूसराय से ली सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की डिग्री5 जून 1967 को जन्मे विजय कुमार सिन्हा के पिता शारदा रमण सिंह (अब स्व.) पटना के बाढ़ स्थित बेढ़ना के हाई स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक थे. उनकी मां का नाम स्व. सुरमा देवी है. पैत्रिक निवास मोकामा के बादपुर में रहा है. सिन्हा की ने बेगूसराय के राजकीय पॉलिटक्निक से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की है. सुशीला सिन्हा से इनकी शादी वर्ष 1986 में हुई थी.

कॉलेज के दिनों में ही पैदा हुई अगुवाई की क्षमता

इनकी रुचि सामाजिक, राजनैतिक और धार्मिक कार्यों में शुरू से रही है. बचपन में ही यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से स्वयंसेवक के रूप में जुड़े थे. महज 13 वर्ष की उम्र में यानी 1980 में सिन्हा ने बाढ़ में आयोजित बीजेपी के कार्यक्रम में पारिवारिक भागीदारी में सहयोग किया था. 15 वर्ष की उम्र में बाढ़ के दुर्गापूजा समिति के सचिव के रूप में चुने गए. यहां से जब इनके भीतर संगठन में नेतृत्व क्षमता डेवलप होने लगी तो बाढ़ के ही एएन कॉलेज में पढ़ते हुए 1983 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्र राजनीति में यह सक्रिय हो गए. इसी का नतीजा हुआ कि पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ते हुए 1985 में राजकीय पॉलिटेक्निक मुजफ्फरपुर छात्र संघ का का अध्यक्ष बने. 1990 में सिन्हा को राजेन्द्र नगर मंडल पटना महानगर भाजपा में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेवारी मिली. वर्ष 2000 में सिन्हा को प्रदेश संगठन प्रभारी, भारतीय जनता युवा मोर्चा बिहार-सह-चुनाव प्रभारी भाजपा सूर्यगढ़ा वि.स. जिला लखीसराय की जिम्मेवारी दी गई. 2002 में भारतीय जनता युवा मोर्चा, बिहार के प्रदेश सचिव बनाए गए.

राजनीतिक करियर की शुरुआत 2003 में

आगे पढ़ें

Source link


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *