को-वैक्सीन ट्रायल के लिए पति ने मांगी इजाज़त तो पत्नी बोली-सुनिए हम भी साथ चलते हैं…

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मनोज राय और उनकी पत्नी एमपी के पहले दंपति हैं जिन्होंने को वैक्सीन का ट्रायल कराया.

इंदौर.को-वैक्सीन (Co-vaccine) ट्रायल के लिए वॉलेंटियर्स की कमी से जूझ रहे मध्य प्रदेश को इंदौर (Indore) के एक दंपति ने गुड न्यूज दी है. दंपति ने ट्रायल के लिए पहल करके जागरुकता का संदेश भी दिया. देश भर में कोरोना वैक्सीन के ट्रायल हो रहे हैं.कई कहानियां ऐसी हैं जो आपको प्रेरणा दे सकती हैं. ऐसी ही है इंदौर की ये स्टोरी.

कोरोना संक्रमण झेल रही पूरी दुनिया बेताबी से इस बात के इंतजार में है कि कब कोरोना वैक्सीन मार्केट में आए. इंडिया में भी ज़ोर-शोर से रिसर्च और ट्रायल चल रहा है.भोपाल में सिर्फ एक निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में को वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है. सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए वॉलेंटियर नहीं मिल रहे इसलिए वहां ट्रायल नहीं हो पा रहा है. लेकिन इन खबरों के बीच इंदौर का एक दंपति को वैक्सीन का ट्रायल कराने खुद भोपाल आ पहुंचा.

चलिए हम भी साथ चलते हैं…
इंदौर के मनोज राय और उनकी पत्नी पूजा को वैक्सीन ट्रायल के वॉलेंटियर बने. ये कहानी बेहद रोचक है. राजधानी भोपाल में को वैक्सीन के ट्रायल का तीसरा चरण चल रहा है.पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में ये टीका लगाया जा रहा है.मनोज खुद वैक्सीनेशन के काम से जुड़े हुए हैं. उनका भोपाल आना जाना होता रहता है. इसीलिए जब कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के लिए वॉलेंटियर बनने की ख्वाहिश अपनी पत्नी से जताई तो पत्नी ने भी वॉलेंटियर बनने की ख्वाहिश जता दी.फिर क्या था,दोनों लगभग दो सौ किलोमीटर का सफर तय कर इंदौर से भोपाल जा पहुंचे और को-वैक्सीन का अपने ऊपर ट्रायल करवा लिया.माता-पिता का आशीर्वाद

मनोज बताते है कि अपनी पत्नी के साथ इंदौर से पीपुल्स मेडिकल कॉलेज भोपाल पहुंचे और तमाम चिकित्सकीय औपचारिकताओं के बाद को वैक्सीन का ट्रायल अपने ऊपर करवाया. बेटे के इस फैसले से माता-पिता कांतिलाल राय और सोनाबाई भी खुश हैं. वो कहते हैं देश और समाज हित में काम ज़रूर करना चाहिए.

रिश्तेदारों के आइडियल
मनोज से उनके रिश्तेदारों ने भी प्रेरणा ली. पांच ऱिश्तेदार भी भोपाल जाकर वॉलेंटियर बन गए और सभी ने को वैक्सीन लगवाया. मनोज के भांजे य़श जायसवाल का कहना  है, उनका वैक्सीन ट्रायल का एक्सपीरियंस बहुत अच्छा रहा. पहले कोरोना की जांच की गई. उसके बाद टीका लगाया गया. अब वैक्सीन का दूसरा टीका 5 जनवरी को लगाया जाएगा. उसे लगवाने सभी पांचों लोग एक साथ भोपाल जाएंगे.

पहला जोड़ा

बहरहाल संभवत मध्यप्रदेश का ये पहला ऐसा जोड़ा है जिसने अपने ऊपर को वैक्सीन ट्रायल कराया है. राजधानी भोपाल में कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है. इसके लिए वॉलेंटियर की कमी देखी जा रही है. खुद मंत्री विश्वास सारंग ने इस हालात पर चिंता ज़ाहिर की थी. उनकी इस चिंता के बाद प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने वॉलेंटियर बनने की पहल की थी. लेकिन वो मेडिकली अनफिट पाये गये इसलिए उनके ऊपर को वैक्सीन का ट्रायल नहीं किया गया. दरअसल मिश्रा के परिवार में उनकी पत्नी और बेटे को कोरोना हो गया था. इसलिए कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक उनके ऊपर ट्रायल नहीं किया जा सका.

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