ग्रेग चैपल बोले-भारत के युवा खिलाड़ियों की तुलना में ऑस्ट्रेलियाई यंग प्लेयर अभी भी प्राइमरी स्कूल में

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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल युवा खिलाड़ियों को लताड़ लगाई है.

ऑस्ट्रेलिया (Australia) के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ग्रेग चैपल (Greg Chappell) अपने देश के युवा खिलाड़ियों से निराश हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 23, 2021, 10:48 AM IST

नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल (Greg Chappell) ने कंगारू टीम के युवा खिलाड़ियों को फटकार लगाई है. चैपल ने कहा कि भारतीय युवा खिलाड़ियों की तुलना में ऑस्ट्रेलियाई यंग प्लेयर अभी भी ‘प्राइमरी स्कूल’ में हैं. भारत ने स्टार खिलाड़ियों के बिना भी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border-Gavaskar Trophy) में ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरमजीं पर 2-1 से मात दी है. चैपल का मानना है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के मजबूत घरेलू ढांचे की वजह से ऐसा संभव हो सका.

चैपल ने सिडनी मार्निंग हेराल्ड में लिखे अपने कॉलम में कहा, “भारत के युवा क्रिकेटरों के मुकाबले हमारे यंग क्रिकेटर्स कमजोर योद्धा साबित हुए. ये वो खिलाड़ी हैं, जिन्हें अंडर 16 से ही मुश्किल हालातों से जूझना सिखाया जाता है. विल पुकोवस्की और कैमरन ग्रीन अनुभव के मामले में अभी भी प्राइमरी स्कूल में हैं.” हालांकि टेस्ट सीरीज की शुरुआत से पहले चैपल ने युवा क्रिकेटर कैमरन ग्रीन की प्रशंसा करते हुए उन्हें रिकी पोंटिंग के बाद सबसे प्रतिभाशाली क्रिकेटर बताया था. ग्रीन ने भारत के खिलाफ चार टेस्ट मैचों में एक अर्धशतक की बदौलत 236 रन बनाए थे. हालांकि लंबे कद के इस गेंदबाज को एक भी विकेट नहीं मिला था. वहीं चोट की वजह से पुकोवस्की सिर्फ एक टेस्ट मैच खेल सके. उन्होंने सिडनी टेस्ट की पहली पारी में 62 जबकि दूसरी पारी में 10 रन बनाए थे.

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चैपल ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर भी निशाना साधा. उन्होंने बीसीसीआई से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की तुलना करते हुए कहा कि इलेक्ट्रीक कार के जमाने में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अब भी 1960 का मॉडल ही तैयार कर रहा है. बीसीसीआई जहां अपने खिलाड़ियों पर करोड़ों डॉलर खर्च करती है वहीं शेफील्ड शील्ड के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का योगदान 44 मिलियन डॉलर का ही है. चैपल ने सलाह दी कि अगर टेस्ट क्रिकेट में आगे रहना है तो क्रिकेट बोर्ड को ऐसे फासले कम करने होंगे.

चैपल ने आगे कहा कि भारत की युवा टीमों का स्किल लेवल ऑस्ट्रेलिया के फर्स्ट क्लास टीमों को भी शर्मिंदा करेगा. उन्होंने कहा कि भारत के पास 38 फर्स्ट क्लास टीम हैं. इसके आपको उनके टैलेंट्स की गहराइयों का पता चलता है.




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