जापानी क्राउन प्रिंस बने सम्राट नारूहितो के छोटे भाई अकिशिनो, मई में शुरू हुई थी प्रक्रिया

Spread the love


फोटो सौ. (AP)

जापान (Japan) के सम्राट ने आज एक राजशाही कार्यक्रम के दौरान अपने छोटे भाई को जापान का क्राउन प्रिंस (Crown Prince) घोषित कर दिया है. क्राउन प्रिंस बनाने की प्रक्रिया मई में शुरू हो गई थी.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 8, 2020, 7:08 PM IST

तोक्यो. जापान (Japan) के सम्राट नारूहितो के छोटे भाई फुमिहितो औपचारिक तौर पर ‘क्राइसेन्थेमम थ्रोन’ (राजसिंहासन) के वारिस यानी क्राउन प्रिंस (Crown Prince) बन गए हैं. पारंपरिक राजमहल में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में इस सिलसिले में औपचारिकताएं पूरी की गईं. यह कार्यक्रम कोरोना वायरस महामारी की वजह से पिछले 7 महीने से स्थगित चल रहा था. आपको बता दें कि पिछले साल सम्राट अकिहितो ने राजसिंहासन अपने बेटे नारूहितो के हवाले कर दिया था और इसके बाद ही 54 वर्षीय अकिशिनो (फुमिहितो का लोकप्रिय नाम) को क्राउन प्रिंस बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया मई से शुरु हुई थी.

सम्राट नारूहितो ने अपने 86 वर्षीय पिता अकिहितो के पद छोड़ने के बाद सिंहासन संभाला था. राजमहल के प्रतिष्ठित ‘पाइन रूम’ में 60 वर्षीय नारूहितो ने अपने छोटे भाई को औपचारिक तौर पर वारिस बनाने की घोषणा की. नारूहितो ने इस मौके पर कहा, ‘मैं इस देश के भीतर और बाहर घोषणा करता हूं कि प्रिंस फुमिहितो अब युवराज हैं.’ रविवार को ही बाद में आयोजित एक अन्य समारोह में फुमिहितो को एक राजशाही तलवार प्रदान की गयी, जो इस बात की प्रतीक है कि वह अब युवराज हैं.

ये भी पढ़ें: Good News: जो बाइडन 5 लाख से अधिक भारतीयों को दे सकते हैं अमेरिकी नागरिकता

महिलाएं नहीं बन सकतीं सम्राटनारूहितो के सम्राट बनने के बाद उनके वारिस बनने की सूची में सिर्फ दो नाम ही बचे थे. एक नाम फुमिहितो का और दूसरा नाम उनके 14 वर्षीय बेटे हिसाहितो का था. नारूहितो की 18 वर्षीय बेटी आइको और युवराज फुमिहितो की दो बेटियां माको और काको वारिस नहीं बन सकती हैं क्योंकि वे महिलाएं हैं. जापान का राजशाही कानून मुख्य रूप से युद्ध से पहले वाले संविधान पर आधारित है और इसके तहत कोई महिला सम्राट नहीं बन सकती है और महिलाओं को किसी आम आदमी से शादी करने पर भी इसमें रोक है.





Source link


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *