बेंटले, एस्टन मार्टिन और जगुआर जैसी कारों को डिजाइन करने वाले बर्गेस करेंगे ओला इलेक्ट्रिक के नए मॉडल्स पर काम

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जगुआर एफ टाइप स्पोर्ट्स कार के वे मुख्य डिजाइनर थे

बर्गेस के पास कार डिजाइनिंग का तीन दशक का अनुभव है. उन्होंने अपने शुरूआती करियर में रोल्स रॉयस, बेंटले से लेकर एस्टन मार्टिन और जगुआर लैंडरोवर के साथ काम किया है.

नई दिल्ली. कैब एग्रीगेटर ओला (Old) अपने फ्यूचर की इलेक्ट्रिक वाहनों (electric vehicle) को डिजाइन करने के लिए बेंटले (Bentley), एस्टन मार्टिन (Aston Martin) और जगुआर (Jaguar) जैसी कारों को डिजाइन करने वाले वेन बर्गेस (Wayne Burgess) को अपने वाहनों की डिजाइन यूनिट का चीफ नियुक्त किया है. मालूम हो बर्गेस के पास कार डिजाइनिंग का तीन दशक का अनुभव है और उन्होंने अपने शुरूआती करियर में रोल्स रॉयस, बेंटले से लेकर एस्टन मार्टिन और जगुआर लैंडरोवर के साथ काम किया है. जगुआर एफ टाइप स्पोर्ट्स कार के वे मुख्य डिजाइनर थे और फिर जगुआर एफ-पेस एसयूवी के लिए स्टूडियो डायरेक्ट रहे. यह जानकारी ओला के अध्यक्ष और समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाविश अग्रवाल ने दी. उन्होंने कहा वेन का हमारी लीडरशिप टीम से जुड़ना हमारे उद्योग में इलेक्ट्रिक वाहनों को बदलने के लिए वैश्विक अपील और डिजाइन में खूबसूरती बढ़ाएगा. 

कंपनी संयंत्र स्थापित करने मेंं 2,400 करोड़ रुपए निवेश कर रही है

ओला इलेक्ट्रिक जो कि टू व्हीलर से अपना प्रोडक्शन शुरू कर रही है का लक्ष्य बाइक्स, कार व अन्य व्हीकल तैयार करने का भी है. कंपनी का प्लान दुनिया में सबसे बड़ी टू व्हीलर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बनने का है जिसमें अगले साल तक दस मिलियन व्हीकल का प्रोडक्शन होगा. इस साल कंपनी का कहना है कि वो दो मिलियन व्हीकल का प्रोडक्शन अपने तमिलनाडू में सेट किए प्लांट से करेगी. कंपनी संयंत्र स्थापित करने मेंं 2,400 करोड़ रुपए निवेश कर रही है. पहले चरण में (जून 2021) वह 20 लाख दोपहिया बनाने की क्षमता तैयार करेगी. अगले साल से यह आंकड़ा बढ़ाकर 1 लाख किया जाएगा. 

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हाइपरचार्ज नेटवर्क की लागत करीब 2 बिलियन डॉलर

अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल के मिशन में, ओला ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि उसका प्लान पूरे भारत में चार्जिंग स्टेशन बनाने का भी है. कंपनी भारत के 400 शहरों में एक लाख से ज्यादा चार्जिंग प्वाइंट अगले कुछ सालों में लगाने वाली है. ओला और इसके पार्टनर्स द्वारा लगाए जाने वाले  हाइपरचार्ज नेटवर्क की लागत करीब 2 बिलियन डॉलर के आस पास हो सकती है. इस हाइपरचार्ज नेटवर्क में दो फॉर्मेट, वर्टिकल टॉवर बेस्ड चार्जर और स्टैंडअलोन चार्जर होंगे. स्टैंडअलोन चार्जर को सार्वजनिक स्थानों जैसे आईटी पार्क, शॉपिंग मॉल और कैफे इत्यादि जैसी जगहों पर लगाया जाएगा. ओला कंपनी अपने स्कूटर के साथ भी ग्राहकों को चार्जर देगा जिसे ग्राहक अपने घर पर इनस्टॉल कर सकता है.

ईवी ही नहीं, सेल भी बनाने की तैयारी में ओला

मालूम हो देश में सस्ती इलेक्ट्रिक गाड़िया (EV, ईवी) का विनिर्माण (Manufacturing) करने के अलावा ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) की योजना अपनी लीथियम आयन बैटरी (Lithium Ion Batteries)  के लिए सेल विनिर्माण फैक्ट्री स्थापित करने की भी है.  अगर ऐसा होता है तो वह पहली भारतीय कंपनी होगी. अभी बैटरी के लिए सभी सेल का आयात होता है.





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