50 फीसदी बच्चों को ही बुला सकते हैं स्कूल, अभिभावक की इजाजत जरूरी, 11 माह बाद स्कूल खुले– News18 Hindi

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आगरा. कोरोना (Corona) काल में लंबे अंतराल के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सभी जूनियर हाई स्कूल (High School) बुधवार से खोल दिए गए हैं. लेकिन सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन सिर्फ 50 फ़ीसदी बच्चों को ही पढ़ाई के लिए बुला सकता है. इसके अलावा अभिभावकों की सहमति भी आवश्यक बताई गई है. आगरा में आज से जूनियर हाई स्कूल में चहल पहल शुरू हो गई है. स्कूल में बच्चे खुशी खुशी चहकते नजर आए. करोना कॉल में लंबे समय तक अपने अपने  घरों में रहने वाले बच्चे जब स्कूल पहुंचे तो उनके चेहरे पर मुस्कान साफ नजर आई. कोविड नियमों का पालन हो इसके लिए गेट पर ही सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई गई थी. क्लास रूम में सामाजिक दूरी का भी पालन होता रहा.

बहुत से अभिभावक ऐसे रहे जिन्होंने अपने बच्चों को स्कूल आने की सहमति नहीं प्रदान की. जिसकी वजह से स्कूलों में पहले की तरह बच्चों की संख्या नहीं रही कक्षा 6 से लेकर के 8 तक की कक्षाएं शुरू हो गई हैं. शासनादेश में स्पष्ट लिखा है सभी जूनियर हाई स्कूल सिर्फ 50% बच्चों को ही एक बार में शिक्षा ग्रहण कराने के लिए विद्यालय में बुला सकते हैं. शासनादेश का सरकारी गैर-सरकारी सभी स्कूलों को पालन करना होगा. आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि कोविड नियमों का पूरा पालन कराया जा रहा है. इसको लेकर के एक दिन पहले ही बीएए के साथ मीटिंग की जा चुकी है. आज से स्कूल खुल गए हैं.

सैनेटाइजेशन हो रहा है

प्रभु एन सिंह ने बताया कि स्कूलों में प्रॉपर सैनिटाइजेशन हो रहा है या नहीं  सामाजिक दूरी का पालन हो रहा है अथवा नहीं इसका भी प्रशासनिक टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा निरीक्षण का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा ताकि कोरोना काल में नियमों का पालन भी होता रहे. आगरा में कक्षा 6वीं से 8 वीं तक के  2951 सरकारी स्कूल हैं. इन स्कूलों के साथ ही निजी स्कूलों ने भी कोविड काल में स्कूल खोलने के बाद नियमों के अनुरूप  तैयारी की है.

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