MP News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एमपी को देंगे 2073 करोड़ की सौगात, जानिए क्या है जलाभिषेकम?– News18 Hindi

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भोपाल/नई दिल्‍ली. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) 11 फरवरी को जलाभिषेकम् कार्यक्रम (Jalabhishekam Program) में जल संरचनाओं का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे. मिंटो हॉल में सुबह 11:30 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह सिसोदिया की उपस्थिति में महात्मा गांधी नरेगा, कृषि सिंचाई योजना-वॉटर शेड और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा निर्मित संरचनाओं का वर्चुअल लोकार्पण होगा. वर्चुअल कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री सागर, मुरैना और छिंदवाड़ा जिले में निर्मित जल संरचना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों से संवाद भी करेंगे.

बता दें कि 2073 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से 57 हजार 653 जल संरचनाओं के लोकार्पित होने वाले कार्यों में तालाब, सार्वजनिक कूप, प्राचीन बावड़ियों की मरम्मत, स्टॉप-डैम और चेक-डैम शामिल हैं. कार्यक्रम में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायत ऑनलाइन जुड़ेंगी. इस दौरान कुछ जिलों की ग्राम पंचायतों के प्रधान और लाभार्थियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेन्‍स के जरिए सीधा संवाद भी किया जायेगा. प्रदेश में साल 2020-21 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्‍न योजनाओं के तहत 57,653 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसमें रोजगार गारंटी योजना के तहत 1835 करोड़ से अधिक लागत के 1007 स्‍टॉप डैम, 4467 चेक डैम, 19,008 व्‍यक्तिगत कपिल धारा कूप, 2588 सार्वजनिक कूप, 1667 पर्कोलेशन टैंक, 14,907 हितग्राही मूलक खेत तालाब, 2365 सामुदायिक खेत तालाब, 4393 नवीन तालाब सहित 3115 तालाब, बावडी, सामुदायिक जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और सामुदायिक टांका निर्माण सहित 53,517 जल संरचनाएं शामिल हैं.

इसी प्रकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 237 करोड की लागत से 2697 खेत तालाब, 726 तालाब, 305 परकोलेशन तालाब, 299 चेक डैम व स्‍टॉप डैम तथा 109 नाला बंधान कार्य सहित कुल 4136 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य कराया गया है. मध्‍य प्रदेश में दोनों योजनाओं में कुल 2073 करोड़ से अधिक लागत की 57653 जल संरचनाओं का निर्माण कोरोना काल में किया गया है. इन जल संरचनाओं से प्रदेश के विभिन्‍न ग्रामों में बड़े क्षेत्र में कृषि सिंचाई सुविधा विकसित हुई है. इसके साथ ही भूमिगत जल स्‍तर में बढ़ोत्‍तरी हुई है.

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