Tarun Gogoi RIP (1934 – 2020): नगर पालिका से पारी शुरू करने वाले गोगोई 3 बार बने असम के CM, ऐसा रहा राजनीतिक सफर

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असम के पूर्व CM तरुण गोगोई का सोमवार को निधन हो गया (फाइल फोटो)

Tarun Gogoi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का सोमवार को निधन हो गया. गोगोई का गौहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था जहां उन्होंने सोमवार शाम अंतिम सांस ली

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 23, 2020, 8:02 PM IST

नई दिल्ली. असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई (Assam Former CM Tarun Gogoi) का सोमवार को निधन हो गया. पिछले दिनों वह कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित हुए थे और उपचार के बाद ठीक हो गए थे लेकिन स्वास्थ्य संबंधी कुछ जटिलताओं के कारण उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया था. गोगोई का गौहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था जहां उन्होंने सोमवार शाम अंतिम सांस ली. 84 साल गोगोई के परिवार में उनकी पत्नी डॉली, बेटी चंद्रिमा और बेटा गौरव हैं. शर्मा ने बताया कि असम के तीन बार मुख्यमंत्री रहे गोगोई ने गौहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शाम पांच बजकर 34 मिनट पर अंतिम सांस ली.

लगातार 15 साल तक असम के मुख्यमंत्री रहे तरुण गोगोई का जन्म एक अप्रैल 1936 को असम के जोरहाट जिले के रंगाजन टी एस्टेट में हुआ था. गोगोई के पिता कमलेश्वर गोगोई इसी टी एस्टेट में डॉक्टर थे और उनकी मां उषा गोगोई कवियित्री थीं. रंगाजन निम्न बुनियादी विश्व विद्यालय से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद गोगोई का दाखिला जोरहाट मदरसा स्कूल में करा दिया गया जहां उन्होंने चौथी कक्षा तक पढ़ाई की. इसके बाद 1949 में उनका दाखिला जोरहाट हाईस्कूल में करा दिया गया. गोगोई ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई जोरहाट के जगन्नाथ बरुआ कॉलेज से की और फिर इसके बाद गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की.

1968 से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
गोगोई का राजनीतिक सफर 1968 से शुरू हुआ. 1968 में वह जोरहाट म्युनिसिपल बोर्ड के अध्यक्ष चुने गए. इसके तीन साल बाद 1971 में गोगोई पांचवीं लोकसभा के लिए हुए चुनावों में बतौर सांसद चुने गए. इसके बाद 1976 में गोगोई को एआईसीसी का संयुक्त सचिव चुना गया. 1985 से 1990 तक वह पार्टी के महासचिव के पद पर भी रहे. गोगोई पीवी नरसिम्हा राव की कैबिनेट में (1991-96) खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री के पद पर भी रहे.गोगोई ने 1971 से 85 तक जोरहाट लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया. इसके बाद 1991 से 96 और 1998-2002 तक वह कलियाबोर सीट से सांसद चुने गए. फिलहाल इस सीट से उनके बेटे गौरव गोगोई सांसद हैं.  गोगोई 1986 से 1990 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे. इसके बाद 1996 में वह फिर से इस पद के लिए चुने गए.

चार बार विधायक रह चुके गोगोई ने मार्गेरिटा विधानसभा सीट पर 1996 में जीत हासिल की. वह 1998 तक यहां विधायक रहे, इसके बाद वह 2001 में तीतबोर विधानसभा सीट से चुने गए. 2001 में असम के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली जबरदस्त जीत के बाद गोगोई को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया. इसके बाद वह लगातार तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर चुने जाते रहे.

कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद गोगोई को सबसे पहले 26 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और कुछ दिनों के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गयी थी. उन्हें दो नवंबर को फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया. गोगोई के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिससे 21 नवंबर को उनकी स्थिति बिगड़ गयी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. गोगोई का रविवार को डायलिसिस किया गया था. पिछले कुछ घंटे से उनकी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी और उनकी हालत ‘बहुत नाजुक’ हो गयी थी.

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